BIG BREAKING NEWS :- मासूम की मौत ने खड़े किए बड़े सवाल: छत से गिरने के 17 दिन बाद 5 वर्षीय छात्र ने तोड़ा दम, ट्यूशन टीचर पर मामला दर्ज
होली के दिन ट्यूशन के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा,पुलिस ने लापरवाही मानते हुए शिक्षिका पर दर्ज किया केस।

भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र में एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां महज 5 साल के मासूम छात्र की मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। होली के दिन ट्यूशन पढ़ने गया यह बच्चा छत से गिरने के बाद 17 दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझता रहा, लेकिन अंततः उसने दम तोड़ दिया। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र केजी-2 में पढ़ता था और शारदा विद्या मंदिर स्कूल का विद्यार्थी था। वह रोज की तरह ट्यूशन पढ़ने के लिए अपनी शिक्षिका के घर गया था। बताया जा रहा है कि ट्यूशन के दौरान शिक्षिका किसी काम से नीचे चली गई थी और इसी दौरान बच्चा खेलते-खेलते छत पर पहुंच गया।सबसे गंभीर लापरवाही यह सामने आई कि छत पर जाने वाला दरवाजा खुला छोड़ दिया गया था। मासूम वहां से दूसरी मंजिल तक पहुंच गया और रेलिंग के पास से नीचे गिर गया। गिरने के बाद बच्चे को गंभीर चोटें आईं और उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।अस्पताल में करीब 17 दिनों तक उसका इलाज चलता रहा। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन हालत लगातार नाजुक बनी रही और अंततः उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
🔍 जांच में सामने आए अहम तथ्य:
ट्यूशन के दौरान बच्चों की निगरानी ठीक से नहीं की गई
छत का गेट खुला होना बड़ी लापरवाही माना गया
पहले भी छत का गेट बंद रखने की हिदायत दी गई थी
शिक्षिका की अनुपस्थिति में बच्चा छत पर पहुंच गया
रेलिंग से गिरने के कारण गंभीर सिर और शरीर पर चोटें आईं पुलिस ने पूरे मामले की जांच के बाद इसे स्पष्ट रूप से लापरवाही का मामला माना है। रातीबड़ पुलिस ने ट्यूशन टीचर के खिलाफ लापरवाही के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
👨👩👦 परिजनों का आरोप परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते सावधानी बरती जाती और छत का गेट बंद रखा जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने शिक्षिका पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
📍 क्षेत्र में शोक और आक्रोश:
इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई लोगों ने ट्यूशन सेंटरों और घरों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त नियम बनाने की मांग की है।







