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अमेरिका या रूस… दुनिया के जिन देशों के पास सबसे ज्यादा कच्चा तेल, वो किसकी ओर? देखें लिस्ट

US vs Russia: दुनिया के 10 सबसे बड़े कच्चे तेल के भंडार वाले देशों में रूस और अमेरिका का नाम भी शामिल है. यह दोनों देशों दशकों से एक-दूसरे के धुर विरोधी रहे हैं.

 

दुनिया में जिन देशों के पास कच्चे तेल के विशाल भंडार हैं, उनकी वैश्विक राजनीति में भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है क्योंकि कच्चे तेल को दुनिया में बहुत बड़ी ताकत के तौर पर देखा जाता है. इसके जरिए सऊदी अरब, रूस, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समेत दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था भी काफी बड़ी है. वहीं, तेल के विशाल भंडार से संपन्न इन देशों का झुकाव दुनिया के दो महाशक्ति देश, अमेरिका और रूस, की तरफ खास तौर पर देखने को मिलता है. ऐसे में आज हम दुनिया के उन 10 तेल संपन्न देशों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका रूस या अमेरिका की ओर झुकाव है.

दुनिया के किन देशों में हैं तेल के सबसे विशाल भंडार

  • वेनेजुएला- दुनिया में 303.22 बिलियल बैरल के साथ कच्चे तेल का सबसे विशाल भंडार वेनेजुएला में है, जहां अमेरिका की ओर से हाल ही सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया गया है और देश के तेल पर कब्जा किया गया है. हालांकि, वेनेजुएला का लंबे समय से रूस की ओर झुकाव रहा है. रूस ने वेनेजुएला को हथियार, निवेश और कूटनीतिक रूप से समर्थन दिया है.
  • सऊदी अरब– 267.2 बिलियन बैरल के साथ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का भंडार सऊदी अरब में है. सऊदी अरब पारंपरिक रूप से अमेरिका का सबसे मजबूत सहयोगी रहा है.
  • ईरान- विशाल तेल भंडार से संपन्न देशों की लिस्ट में ईरान तीसरे नंबर आता है. ईरान का रूस और चीन के साथ काफी नजदीकी संबंध रहा है, जबकि इस्लामिक देश की दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के साथ दुश्मनी दशकों पुरानी है.
  • कनाडा– NATO के सदस्य देश कनाडा का अमेरिका के साथ बेहद नजदीकी रिश्ता है. कनाडा अपने देश तेल का ज्यादातर निर्यात अमेरिका को ही करता है. इससे उसका झुकाव अमेरिका की ओर ज्यादा है.
  • इराक– इस्लामिक देश इराक के पास 145.02 बिलियन बैरल का कच्चे तेल का विशाल भंडार मौजूद है, जिसके साथ यह देश दुनिया में इस लिस्ट में पांचवें नंबर पर आता है. इराक में साल 2003 के बाद से ही अमेरिका ने अपना प्रभाव दिखाया है. हालांकि, इराक में रूस और ईरान की मौजूदगी भी बढ़ी है.
  • UAE– संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अमेरिका का एक रणनीतिक साझेदार देश है, जहां 113 बिलियन बैरल का कच्चे तेल का भंडार है, लेकिन पिछले कुछ सालों में यूएई का रूस और चीन के साथ भी ऊर्जा सहयोग को विस्तार किया है.
  • कुवैत- खाड़ी युद्ध के बाद से ही कुवैत की सुरक्षा और तेल नीति में संयुक्त राज्य अमेरिका की अहम भूमिका रही है. इससे यह साफ कहा जा सकता है कि कुवैत का झुकाव अमेरिका की ओर ज्यादा है.
  • रूस- दुनिया का दूसरा सबसे ताकतवर देश रूस खुद भी 80 बिलियन बैरल के साथ कच्चे तेल के विशाल भंडार से संपन्न देशों की लिस्ट में शामिल है, जो दशकों से अमेरिका का धुर विरोधी देश रहा है और अपनी तेल और प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल अमेरिका के खिलाफ हथियार के तौर पर करता है.
  • अमेरिका– जबकि इस लिस्ट में संयुक्त राज्य अमेरिका का नाम भी शामिल है. दरअसल, अमेरिका के कई राज्यों में बड़े पैमाने पर तेल उत्पादन होता है, जिनमें टेक्सास, नॉर्थ डकोटा और न्यू मैक्सिको राज्य शामिल हैं.
  • लीबिया- दुनिया के कच्चे तेल के 10 सबसे बड़े विशाल भंडार वाले देशों में लीबिया का नाम शामिल है. इस देश में कुल 48.36 बिलियन बैरल कच्चे तेल का भंडार है, लेकिन गृहयुद्ध के कारण देश दो हिस्सों में बंट गया है. इसमें एक वर्ग रूस का समर्थन करता है, जबकि दूसरे वर्ग का झुकाव पश्चिमी देशों की ओर ज्यादा है.

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