भीषण गर्मी में चार माह तक जलेगी ‘खपड़ धूनी’, आस्था का केंद्र बना जूनापानी महादेव आश्रम
काल्याखेड़ी में आध्यात्मिक अनुष्ठान की अनोखी शुरुआत

मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ तहसील के ग्राम काल्याखेड़ी स्थित जूनापानी महादेव सीताराम आश्रम इन दिनों श्रद्धा, रहस्य और तपस्या का केंद्र बना हुआ है। यहां प्रयागराज से पधारे संत बाबा रामचरण दास त्यागी ने विशेष संकल्प के साथ ‘खपड़ धूनी’ प्रज्ज्वलित की है, जो लगातार चार माह तक जलती रहेगी!
बसंत पंचमी से गंगा दशहरा तक जलेगी धूनी
यह धूनी बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर प्रारंभ की गई है और गंगा दशहरा तक निरंतर प्रज्ज्वलित रहेगी। भीषण गर्मी के बीच चार माह तक धधकती रहने वाली यह धूनी ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के लिए आश्चर्य और आस्था का विषय बनी हुई है।स्थानीय बुजुर्गों का कहना है कि इतनी लंबी अवधि तक गर्मी में धूनी का जलना विरले ही देखने को मिलता है।
🕉 विशेष ऊर्जा जागरण का संकल्प
बाबा रामचरण दास त्यागी का कहना है कि यह भूमि प्राचीन काल से आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र रही है। धूनी के माध्यम से सकारात्मक शक्ति और आध्यात्मिक चेतना जागृत करने का प्रयास किया जा रहा है।
आश्रम परिसर में प्रतिदिन श्रद्धालु पहुंचकर पूजा-अर्चना कर रहे हैं और आशीर्वाद ले रहे हैं।

‘जूनापानी’ नाम के पीछे का अनोखा रहस्य
गांव के जानकारों के अनुसार इस स्थान की सबसे बड़ी विशेषता यहां मिलने वाला ‘पुराना और नया पानी’ है। मान्यता है कि एक ही स्थान पर दोनों प्रकार का जल स्रोत उपलब्ध है, जिससे इस क्षेत्र का नाम ‘जूनापानी महादेव’ पड़ा। यही प्राकृतिक विशेषता इसे अन्य स्थानों से अलग पहचान देती है।
दूर-दराज से उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
धूनी की चर्चा आसपास के गांवों सहित दूरस्थ क्षेत्रों तक फैल चुकी है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु आश्रम पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं। आगामी गंगा दशहरा तक यह अनुष्ठान किस आध्यात्मिक संदेश के साथ पूर्ण होगा, इसे लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है।







